Monthly Archives: October 2013

आपको दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ

Nippy autumn mornings, chanting of hymns, dulcet whiffs of incense sticks & echoes of mystic mantras.
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May Maa Durga empower you and ur family
With her nine swaroopa of Name, Fame, Health, Wealth, Happiness, Humanity, Education, Bhakti & Shakti.

आपको सबको दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ।

क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो

क्षमा, दया, तप, त्याग, मनोबल
सबका लिया सहारा
पर नर व्याघ्र सुयोधन तुमसे
कहो, कहाँ कब हारा ?

क्षमाशील हो रिपु-समक्ष
तुम हुये विनत जितना ही
दुष्ट कौरवों ने तुमको
कायर समझा उतना ही।

अत्याचार सहन करने का
कुफल यही होता है
पौरुष का आतंक मनुज
कोमल होकर खोता है।

क्षमा शोभती उस भुजंग को
जिसके पास गरल हो
उसको क्या जो दंतहीन
विषरहित, विनीत, सरल हो।

तीन दिवस तक पंथ मांगते
रघुपति सिन्धु किनारे,
बैठे पढ़ते रहे छन्द
अनुनय के प्यारे-प्यारे।

उत्तर में जब एक नाद भी
उठा नहीं सागर से
उठी अधीर धधक पौरुष की
आग राम के शर से।

सिन्धु देह धर त्राहि-त्राहि
करता आ गिरा शरण में
चरण पूज दासता ग्रहण की
बँधा मूढ़ बन्धन में।

सच पूछो, तो शर में ही
बसती है दीप्ति विनय की
सन्धि-वचन सम्पूज्य उसी का
जिसमें शक्ति विजय की।

सहनशीलता, क्षमा, दया को
तभी पूजता जग है
बल का दर्प चमकता उसके
पीछे जब जगमग है।
।। रामधारी सिंह दिनकर ।।

बेशक हमारी माला छोटी है-पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे…

लोग मन्जिल को
मुश्किल समझते है,
हम मुश्किल को
मन्जिल समझते है,
बडा फरक है लोगो
मे ओर हम मै,
लोग जिन्दगी को
दोस्त ओर
हम दोस्त को
जिन्दगी समझते है.
आदते अलग हे हमारी
दुनिया वालो से,
कम दोस्त रखते हे मगर
लाजवाब रखते है-
क्योंकि बेशक
हमारी माला छोटी है-
पर फूल उसमे
सारे गुलाब रखते हे…
#शशिकुमार #आँसू