ख़ैरात की दुश्मनी – शशि कुमार आँसू

भई दुश्मन बनाने के लिए ज़रूरी नही की हर वक़्त लड़ा जाए,
ये काम आप थोड़े कामयाब होके  ख़ैरात में भी पा सकते हैं।

बदचलन होना लाजमी है – शशि कुमार आँसू

थोड़ा तो बदचलन होना लाजमी है मेरे यार
भस्मासुर बहुत हैं! बिन कहे लाज़ लूट लेते हैं।।

थोड़ा तो बदचलन होना लाजमी है मेरे यार
भस्मासुर बहुत हैं! बिन कहे लाज़ लूट लेते हैं।।
©शशि कुमार आँसू
#SKA


ज़रा फ़ासले से रहा करें – शशि कुमार आँसू

कोई हाथ भी अब न बढ़ाएगा बस कहिये ‘नमस्ते’ तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से रहा करें।।